चाचाजी,मेरे कम्प्यूटर में वायरस घुस गया है. तमाम एंटी वायरस इस्तेमाल किये लेकिन फिर भी वायरस पीछा छोड़ने का नाम नहीं ले रहा है. कोई रास्ता बताइये.- रसीद फाटक (बिल गेट)
बेटा रसीद फाटक,
लगता है कि बहुत ही हठी किस्म का वायरस घुस गया है. इसमें तो सीमा पार से आये हुये वायरस के सारे (अव)गुण दिखते हैं – मारते जाओ फिर भी निकलने का नाम नहीं लेते.
ऐसे मामलों में देरी नहीं करनी चाहिये. तुरंत अपने सी.पी.यू. का कवर खोलिये, अन्दर लगे तमाम इलेक्ट्रानिक कार्डों को डेटॉल, तंदरुस्ती की रक्षा वाले लाइफ़बॉय और गंगा जल से रगड़ रगड़ कर धोइये (यदि साथ में यह गाना भी गायेंगे तो दिव्य आनंद की अनुभूति होएगी – तंदरुस्ती की रक्षा करता है लाइफ़बॉय – लाइफ़बॉय है जहाँ तन्दरुस्ती है वहाँ – लाआईईफ़ बॉआय) , सूखने के बाद एक टूथ ब्रश से ”लगातार कीटाणुओं से लडने वाले’ पेप्सोडेंट से तमाम कार्डों को मंजन करवाइये. नीम की दातून हो तो वो भी रगड दीजियेगा. कोई कसर बाकी ना रह जाये इसके लिये अब सारे कार्डों को 100 डिग्री सेल्सियस पर उबलते पानी में डाल कर 20 मिनट तक खौलाइये – वायरस मारने का यह सबसे कामयाब तरीका है. जो खौलता पानी बच गया है उसे अपने मानीटर पर उडेल कर उसे भी रगड़ डालिये. साथ में हार्पिक का प्रयोग करिये – हार्पिक से जर्म्स, कीटाणु और वायरस मर जायेंगे.
अब आपका कम्प्यूटर वायरस रहित हो गया है. कार्डों को वापस फिट करिये और आराम से अपना कम्प्यूटर इस्तेमाल करिये.
- चतुर चाचा
वाह! धाँसू च खाँसू इलाज बताया जी. इसके बाद कभी वायरस का आक्रमण हो ही नहीं सकता.
धन्यवाद चाचाजी.
वाह-वाह, क्या उपाय बताया, कभी वायरस ने हमारे कम्प्यूटर का रुख किया तो जरुर आजमाएँगे। धन्यवाद आपका!
मेरे ख्याल से ये लेख वायरसों ( विशेषकर सीमा पार वालों को ) को पठा दिया जायें तो वो वैसे ही हमारे यहां आक्रमण करने की सपने में भी नहीं सोच सकते ।